मछली पालन कैसे करे | How To Start Fish Farming

मछली पालन का व्यवसाय भारत मे तेजी से उभरता हुआ व्यवसाय है। इसका मुख्य कारण यह है की भारत की बहुत सी ज्यादा जनसंख्या मछली को खाने के रूप मे इस्तेमाल करती है। अगर आपके क्षेत्र मे पानी की मात्रा बढ़िया है और आस – पास नदी या झील आदि है, तो आप इस व्यवसाय को आसानी से कर सकते है। मछली पालन करने के लिए आपको खेत मे तालाब या फिर टैंक का निर्माण करके उसमे मछली पालन करना होता है। आज हम बात करेंगे की मछली पालन कैसे करे, कितना इस व्यवसाय को करने मे शुरुआती खर्च आता है।

मछली पालन के फायदे ( Fish Framing )

आज के समय मे पूरे विश्व मे मछली की मांग है। क्योंकि मछली का उपयोग खाने के साथ – साथ अनेक तरह के उत्पाद बनाने मे किया जाता है। जैसे मछली का तेल बनाने आदि मे। इसके साथ ही मछली मे अनेक तरह के विटामिन व प्रोटीन का पाया जाना भी है। बाजार मे बढ़ती मछली उत्पाद की मांग के अनुसार मछली पालन करना आज के समय मे फायदे का सौदा हो सकता है।

मछली पालन कैसे करे व इसके लिए उचित वातावरण

मछली पालन कैसे करे

मछली पालन का व्यवसाय शुरू करने से पहले अगर आपके आस – पास मे कोई मछली पालन कर रहा है, तो आप एक बार उनसे इस व्यवसाय के बारे मे राय जरूर ले। ताकि आपको इस व्यवसाय के बारे मे कुछ जानकारी हसली हो सके। अगर कोई नहीं है तो आप मछली पालन विभाग से भी जानकारी ले सकते। वैसे सर्दी के मौसम मे मछली बड़ी देरी से होती है। अगर आप मछली पालन का व्यवसाय शुरू कर रहे है। तो गर्मी के दिनों मे शुरू कर सकते है। ताकि मछली का बीज जल्दी आकार मे बड़ा हो सके।

तालाब  का निर्माण

तलब का निर्माण आपको मछली तालाब मे डालने से 10 से 15 दिन पहले ही कर लेना चाहिए। ताकि जिससे आप तालाब से कीचड़ निकालने व खरपतवार नियंत्रण का कार्य पहले कर सके। मछली पालन के लिए तालाब का निर्माण कम से कम आपको 300 वर्ग मीटर मे जरूर करना चाहिए। तालाब की गहराई 6 फिट जरूर रखे। व तलब मे 4 से 5 फिट तक पानी जरूर भरे। तालाब मे पानी डालने के बाद चुने का छिड़काव जरूर करना चाहिए। ताकि किसी तरह की किट मछली को नुकसान न पहुंचा सके।

पानी व मिट्टी की आवश्यकता

इस व्यवसाय को शुरू करने से पहले आपको अपने खेत की भूमि व पानी की जांच जरूर करवानी चाहिए। ताकि आपको मालूम हो सके की आपकी मिट्टी व पानी मछली पालन के अनुकूल है या नहीं। वैसे मछली पालन के लिए ऐसी मिट्टी सबसे बढ़िया रहती है। जिसमे पानी का कम रिसाव हो व दलदली भूमि हो। मछली पालन  से अच्छा परिणाम लेने के लिए मछली की किस्म के अनुसार पानी की व्यवस्था करे। अगर आप कार्प मछली का पालन कर रहे है तो इस तरह की मछली को खड़े पानी की आवश्यकता होती है। मछली पालन के लिए पानी का  पी. एच. मान 7 से 8 रखना जरूरी है।

मछली की प्रजाति

अपने क्षेत्र के वातावरण मिट्टी व पानी की उपलब्धता को ध्यान मे रखते हुए। मछली की किसी भी प्रजाति का आप चयन कर सकते है। Fish  Farming करने के लिए आप भारत मे सबसे ज्यादा प्रचलित मछली की किस्म जैसे रोहू, मुरेल, कटला, टूना, ग्रास, शार्प, के साथ ही हिस्ला मछली की प्रजाति को चुन सकते है। इन किस्म की मछली को आप भारत के किसी भी क्षेत्र की जलवायु व् वातावरण के अनुसार ढाल सकते है। ऊपर बताई गई मछली की प्रजाति आपको पुरे भारत में मछली का व्यापार करने के लिए उपलब्ध हो जाती है।

मछली का बीज तालाब में कब डाले

आपने मछली की प्रजाति का चयन कर लिया है। अब बात आती है की मछली के बीज को तालाब में कब डाले ताकि मछली का बीज आकर में जल्दी बड़ा हो सके। मछली के बीज को तालाब मे डालने का सही समय मार्च उचित माना गया है। तालाब मे बीज के रूप मे आपको शिशु मछली को डालना चाहिए। आपको प्रति वर्ष तालाब मे मछली का बीज डालते रहना चाहिए।

मछलियों के लिए आहार

मछली पालन से अच्छा लाभ कमाने के लिए व जल्दी मछली का आकार को बड़ा करने के लिए आपको मछलियों के संतुलित आहार पर आपको ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। आप मछलियों को आहार के रूप मे सरसों की खली, मूंगफली व अलसी की खली आप दे सकते है। इसके अलावा आप बाजार मे तैयार मछलियों के लिए फ़ीड भी खरीद सकते है। तथा आप घर के बचे हुए अनाज दल सकते है। आदि लेकिन तेलयुक्त पदार्थ डालने से बचना चाहिए।

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पानी की सफाई व सावधानी

इस तरह के व्यसाय मे आपको पानी की साफ – सफाई पर ध्यान देना जरूरी है। ताकि पानी मे किसी तरह का संक्रमण या रोग होने की अवस्था मे आपकी मछली मरे नहीं। आपको तालाब का पानी बदलते रहना चाहिए। यह काम आप 15 दिन या फिर महीने मे 1 बार कर सकते है। आप जिस पानी मे मछली पालन कर रहे है उस पानी का ph मान 6.5 से 8.5 रखने की कोशिश करे। पानी का पी. एच. मान को सही रखने के लिए आप चुने का प्रयोग के सकते है।

मछलियों मे होने वाले रोग व उपचार

मछली पालन मे भी किसान को मछलियों मे होने वाले अनेक तरह के रोग का सामना करना पड़ता है। आप मछली पालन कैसे करे इसकी जानकारी जरूर ले।  इस व्यवसाय मे नुकसान से बचने के लिए तलब मे रोगग्रस्त मछली की पहचान कर तालाब से भर निकाल दे। ताकि दूसरी मछलिया रोगग्रस्त न हो सके। रोगग्रस्त मछली की पहचान आप इस तरह से कर सकते है। जो मछली रोगग्रस्त होती है वो समूह मे न रहकर तालाब पर अलग से दिखाई देती है। इसके साथ ही बीमार वाली मछली मुंह से बार – बार सांस लेती है व पनि मे गोल – गोल घूमती रहती है तथा भोजन नहीं करती है। इस तरह से आप रोग वाली मछली की पहचान कर उपचार शुरू कर सकते है।

तैयार मछली को कहा पर बेचे

लगभग 3 महीनों मे 1 किलो की मछली तैयार हो जाती है। एक किलो की मछली तैयार होने मे 70 से 72 रुपये का खर्च आ जाता है। आप तैयार मछली को अपने आस – पास के मार्केट मे बेच सकते है। या फिर आपके पास होटल या रेस्टोरेंट पड़ते है। वहा भी आप तैयार मछली को सप्लाइ कर सकते है। इसके साथ ही आप सम्पूर्ण भारत मे भी मछली को अच्छी तरह पैकिंग करके बेच सकते है। क्योंकि मछली का मांग हर समय रहती है।

मछली पालन शुरू करने मे लागत व मुनाफा

शुरुआती के समय मे मछली पालन को शुरू करने मे लागत ज्यादा आती है। इसका कारण यह है की आपको तालाब का निर्माण कराना होता है। इसी के साथ ही बोरवेल करवाना व मछली का दाना रखने का घर का निर्माण करना। इसके साथ ही मछली पालन मे काम आने वाले उपकरण भी खरीदने पड़ते है। मछली को ऑक्सीजन देने के लिए उपकरण खरीदना आदि। अगर आप एक एकड़ मे मछली पालन कर रहे है, तो और अच्छी किस्म की मछली का बीज तालाब मे डाल रहे है तो लगभग 10 से 12 लाख का खर्च आता है। आपको मछली का पालन तीन से साढ़े तीन महीने तक करना होता है। तब जाकर आपकी मछली बेचने के लिए तैयार हो जाती है। और आपको 4 से 5 लाख का मुनाफा मछली पालन से मिल जाता है।

How To Start Fish Farming से संबंधित प्रश्न उत्तर ( FAQ )

मछली कितने दिनों के बाद बिक्री के लिए तैयार होती है ?

मछली के बच्चे को 72 घंटों की देखरेख के बाद तालाब मे डाल दिया जाता है। 25 दिन के बाद मछली के बच्चे बाजार मे बेचने के लिए तैयार हो जाते है।

मछली के बीज की कीमत कितनी होती है ?

मछली का बीज 80 पैसे से 1 रुपए प्रति बीज तक मिलता है।

मछली पालन के लिए पौंड बनाने के लिए कितना प्रतिशत अनुदान मिलता है।

मछली पालन के लिए पौंड बनाने के लिए 50% तक अनुदान मिल जाता है।

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